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    Madhya Pradesh

    इंदौर: नगर निगम अपर आयुक्त और पीएचई अधीक्षण यंत्री निलंबित, निगम आयुक्त हटाए गए

    suntodayBy suntodayJanuary 2, 2026Updated:January 3, 2026No Comments121 Views4 Mins Read
    File photo: CM Dr Mohan Yadav holding meeting with ministers and officers concerned in Indore on December 31, 2025 (Pic source: mpinfo.org)
    इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के कारण हुई घटना में राज्य सरकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। इस संबंध में कठोर निर्णय लिये जा रहे हैं। निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, पीएचई के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित किया गया है। इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को भी हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
    –मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
    भोपाल: इंदौर में दूषित पानी पीने से हुयी मौतों के मामले में नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिरोनिया और पीएचई के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर निलंबित कर दिया गया है जबकि नगर निगम के आयुक्त दिलीप कुमार यादव को मुख्यमंत्री के निर्देश पर हटा दिया गया है।
    Screenshot


    सोशल नेटवर्किंग एवं माइक्रोब्लॉगिंग साइट X पर जानकारी शेयर करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने लिखा, “इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के कारण हुई घटना में राज्य सरकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। इस संबंध में कठोर निर्णय लिये जा रहे हैं। निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, पीएचई के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित किया गया है। इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को भी हटाने के निर्देश दिए गए हैं।”

    इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के कारण हुई घटना में राज्य सरकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। इस संबंध में कठोर निर्णय लिये जा रहे हैं। निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, पीएचई के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित किया गया है। इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप…

    — Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) January 2, 2026


    लोगों ने X पर ही मुख्यमंत्री के निर्णय को उचित कदम बताया है पर बहुत से लोगों ने इस बात पर अप्रसन्नता जाहिर की है कि अगर कठोर निर्णय पहले लिए जाते तो वे लोग जो दूषित पानी पीने से मरे हैं उनको बचाया जा सकता था। लोगों ने यह भी कहा कि निलंबन कोई सजा नहीं होती है।

    इसके पूर्व आज दिन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव और संबंधित अपर आयुक्त को शो कॉज नोटिस जारी करने तथा अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने का निर्देश जारी किया। उन्होंने प्रभारी अधीक्षण यंत्री से तत्काल जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने का भी निर्देश दिया।
    ज्ञातव्य है कि दूषित पानी पीने से इंदौर के भागीरथपुरा में पिछले दो सप्ताह में 14 मौतें हो चुकी हैं जबकि लगभग 200 प्रभावित लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। हालांकि अभी भी सरकार ने 14 मौतों के आंकड़ों को स्वीकार नहीं किया है पर उसका खंडन भी नहीं किया है। 

    अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की सूचना सोशल मीडिया माइक्रोब्लॉगिंग साइट X पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि, “आज सुबह मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ इंदौर के दूषित पेयजल प्रकरण में राज्य शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी चर्चा की।”
    उन्होंने कहा कि, “इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को इस संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी करने, अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने और प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश दिए। इंदौर नगर निगम में आवश्यक पदों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ति करने के निर्देश भी दिए।”

    आज सुबह मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ इंदौर के दूषित पेयजल प्रकरण में राज्य शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी चर्चा की।

    इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को इस…

    — Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) January 2, 2026

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि, “इंदौर में दूषित पेयजल प्रदाय से हुई दुखद घटना के संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के उपरांत प्रदेश के अन्य स्थानों के लिए भी हम सुधारात्मक कदम उठा रहे हैं। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्यक्रम बनाने के निर्देश दिए हैं। इस दृष्टि से सभी 16 नगर निगमों के महापौर, अध्यक्ष तथा आयुक्त एवं जिला कलेक्टर, स्वास्थ्य विभाग, नगरीय विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग व अन्य संबंधित मुख्यालय स्तर के अधिकारियों की आज सायं वर्चुअल बैठक बुलाई है, जिसमें पूरे प्रदेश की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।”

    इंदौर में दूषित पेयजल प्रदाय से हुई दुखद घटना के संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के उपरांत प्रदेश के अन्य स्थानों के लिए भी हम सुधारात्मक कदम उठा रहे हैं। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्यक्रम बनाने के निर्देश दिए हैं।

    इस दृष्टि से सभी 16 नगर…

    — Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) January 2, 2026

    इंदौर में, जिसकी ख्याति पूरे देश में स्वच्छतम शहर के रूप में है, दूषित पानी से मौतों ने मध्य प्रदेश सरकार की पूरे देश में किरकिरी कराई है।
    सरकार की किरकिरी इसलिए भी हो रही है क्योंकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं पिछले दो वर्षों से इंदौर के जिला प्रभारी मंत्री हैं और नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय स्वयं इंदौर के रहने वाले हैं।

    जनस्वास्थ्य पर ज़ीरो टॉलरेंस, सख्त कार्रवाई जारी

    जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई जारी है और बिना रुके जारी रहेगी—
    यह सरकार जवाबदेही से कभी पीछे नहीं हटती।

    Indore में दूषित पेयजल की घटना को भाजपा सरकार ने अत्यंत गंभीरता से लिया है।
    मुख्‍यमंत्री Dr. Mohan…

    — Ashish Usha Agarwal आशीष ऊषा अग्रवाल (@Ashish_HG) January 2, 2026

    नगरीय विकास एवं आवास विभाग ही प्रदेश के नगरीय निकायों का पैरेंटल बॉडी है।
    इसके अतिरिक्त पिछले 20 वर्षों से इंदौर में भाजपा का ही वर्चस्व रहा है चाहे वह नगर निगम के चुनाव हों, विधान सभा के या लोक सभा के।
    bharatiya janata party Chief Minister chief minister Dr Mohan Yadav Congress contaminated water contaminated water deaths Health IMC Indore Indore Municipal corporation Madhya Pradesh mayor
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