इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के कारण हुई घटना में राज्य सरकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। इस संबंध में कठोर निर्णय लिये जा रहे हैं। निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, पीएचई के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित किया गया है। इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को भी हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
–मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

सोशल नेटवर्किंग एवं माइक्रोब्लॉगिंग साइट X पर जानकारी शेयर करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने लिखा, “इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के कारण हुई घटना में राज्य सरकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। इस संबंध में कठोर निर्णय लिये जा रहे हैं। निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, पीएचई के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित किया गया है। इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को भी हटाने के निर्देश दिए गए हैं।”
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के कारण हुई घटना में राज्य सरकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। इस संबंध में कठोर निर्णय लिये जा रहे हैं। निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, पीएचई के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित किया गया है। इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप…
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) January 2, 2026
लोगों ने X पर ही मुख्यमंत्री के निर्णय को उचित कदम बताया है पर बहुत से लोगों ने इस बात पर अप्रसन्नता जाहिर की है कि अगर कठोर निर्णय पहले लिए जाते तो वे लोग जो दूषित पानी पीने से मरे हैं उनको बचाया जा सकता था। लोगों ने यह भी कहा कि निलंबन कोई सजा नहीं होती है।

अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की सूचना सोशल मीडिया माइक्रोब्लॉगिंग साइट X पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि, “आज सुबह मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ इंदौर के दूषित पेयजल प्रकरण में राज्य शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी चर्चा की।”उन्होंने कहा कि, “इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को इस संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी करने, अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने और प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश दिए। इंदौर नगर निगम में आवश्यक पदों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ति करने के निर्देश भी दिए।”
आज सुबह मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ इंदौर के दूषित पेयजल प्रकरण में राज्य शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी चर्चा की।
इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को इस…
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) January 2, 2026
इंदौर में दूषित पेयजल प्रदाय से हुई दुखद घटना के संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के उपरांत प्रदेश के अन्य स्थानों के लिए भी हम सुधारात्मक कदम उठा रहे हैं। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्यक्रम बनाने के निर्देश दिए हैं।
इस दृष्टि से सभी 16 नगर…
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) January 2, 2026
सरकार की किरकिरी इसलिए भी हो रही है क्योंकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं पिछले दो वर्षों से इंदौर के जिला प्रभारी मंत्री हैं और नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय स्वयं इंदौर के रहने वाले हैं।
जनस्वास्थ्य पर ज़ीरो टॉलरेंस, सख्त कार्रवाई जारी
जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई जारी है और बिना रुके जारी रहेगी—
यह सरकार जवाबदेही से कभी पीछे नहीं हटती।Indore में दूषित पेयजल की घटना को भाजपा सरकार ने अत्यंत गंभीरता से लिया है।
मुख्यमंत्री Dr. Mohan…— Ashish Usha Agarwal आशीष ऊषा अग्रवाल (@Ashish_HG) January 2, 2026
इसके अतिरिक्त पिछले 20 वर्षों से इंदौर में भाजपा का ही वर्चस्व रहा है चाहे वह नगर निगम के चुनाव हों, विधान सभा के या लोक सभा के।

