नर्मदा परिक्रमा का मुख्य उद्देश्य नर्मदा मैया के प्रति आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता लाना है। प्राचीन काल में लोग नर्मदा को स्वच्छ रखने के लिए तांबे के सिक्के और कपास के वस्त्र प्रवाहित करते थे, जो प्रकृति के अनुकूल थे। आज प्लास्टिक और कृत्रिम वस्तुएं नदी के प्रदूषण का कारण बन रही हैं
–प्रतिज्ञा पटेल
भोपाल: माता और पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए युवा प्रतिज्ञा पटेल एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम करने की राह पर हैं.
विश्व में वे एकमात्र पुत्री हैं जिन्होंने अपने राजनेता पिता और माता का अनुसरण करते हुए एक पवित्र नदी की परिक्रमा शुरू कर दी है. नर्मदा नदी की परिक्रमा उन्होंने शुरू की है जिनकी परिक्रमा उनके पिता- मध्य प्रदेश के पंचायत, ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल दो बार और माता पुष्पलता पटेल एक बार कर चुकी हैं।
अगर वे यात्रा पूरी करती हैं तो यह अनोखा रिकॉर्ड उनका हो जाएगा जिसमें राजनेता पिता और मां के नर्मदा परिक्रमा करने के बाद उनकी पुत्री ने भी नर्मदा परिक्रमा किया.
मध्य प्रदेश से निकलकर गुजरात पहुंचने वाली नर्मदा नदी की लंबाई 1330 किलोमीटर है और पैदल परिक्रमा करने में लगभग 3500 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है जिसे पूरा करने में लगभग 1 वर्ष लग जाते हैं.
हालांकि प्रतिज्ञा पटेल यह यात्रा लगभग 2 वर्ष में पूरी करेंगी जिसके दौरान वे नदी के दोनों तटों के प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृश्यों को चित्रों के माध्यम से कैनवास पर बनाएंगी और 7 किलोमीटर लंबी एक विशेष पेंटिंग तैयार करेंगी.

नर्मदा नदी का वर्णन धार्मिक ग्रंथों और पुराणों में है जिन्हें गंगा नदी की ही तरह पवित्र नदी माना जाता है तथा सैकड़ों लोग हर वर्ष नर्मदा परिक्रमा करते हैं.
आज बेटी प्रतिज्ञा के एक पुण्य संकल्प का पूरा परिवार और इष्ट मित्र साक्षी बने ।प्रतिज्ञा की आज से माँ नर्मदा की परिक्रमा प्रारंभ हुई,इस परिक्रमा का संकल्प है माँ नर्मदा के पावन तटों की प्रतिकृति ७किलोमीटर लंबे कैनवास पर अंकित करना भी है ।@patel_pushplata @jalamsing_patel… pic.twitter.com/rM8tUFGYCZ
— Prahlad Singh Patel ( वृक्ष से जल, जल से जीवन) (@prahladspatel) December 15, 2025
जहां देश के किसी अन्य भाग से किसी राजनेता के नर्मदा की परिक्रमा करने की जानकारी नहीं मिलती, वहीं वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक एवं पर्यवेक्षक दीपक तिवारी के अनुसार ज्ञात सूचना के अनुसार मध्य प्रदेश में मंत्री या मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने वाले राजनेताओं में सिर्फ दो ही राजनेताओं ने नर्मदा की पैदल यात्रा कर परिक्रमा की है— वे हैं वर्तमान में पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल और दूसरे, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह.
दीपक तिवारी के अनुसार कुछ अन्य वरिष्ठ राजनेताओं ने नर्मदा परिक्रमा करने की घोषणा जरूर की पर पटेल और सिंह को छोड़कर किसी अन्य राजनेता ने पैदल चलकर कभी नर्मदा की पूरी परिक्रमा नहीं की.

देखा जाए तो स्थापित राजनेताओं में प्रह्लाद पटेल पहले ऐसे राजनेता हैं जिन्होंने नर्मदा नदी की पैदल चलकर परिक्रमा की. दिग्विजय सिंह ने यह परिक्रमा 2017 में पूरी की.
पटेल ने परिक्रमा दो बार पूरी की— पहली अपने गुरु के नेतृत्व में और दूसरी अपनी पत्नी पुष्पलता पटेल के साथ.
प्रह्लाद सिंह पटेल द्वारा नर्मदा परिक्रमा के दौरान अपने अनुभवों पर आधारित पुस्तक “परिक्रमा कृपा सार” का विमोचन इसी वर्ष 14 सितम्बर को इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत द्वारा किया गया. प्रह्लाद पटेल के छोटे भाई पूर्व विधायक जालम सिंह पटेल भी पैदल चलकर नर्मदा परिक्रमा पूरी कर चुके हैं.
प्रतिज्ञा पटेल ने नर्मदा परिक्रमा का आरंभ अमरकंटक में नर्मदा नदी के उद्गम स्थल से 15 दिसंबर (सोमवार) को आरम्भ किया.
इस अवसर पर प्रतिज्ञा के पिता प्रह्लाद सिंह पटेल, माता पुष्पलता पटेल, परिवार के अन्य लोग तथा बहुत से शुभचिंतक मौजूद थे.
इस अवसर पर प्रतिज्ञा के पिता प्रह्लाद सिंह पटेल, माता पुष्पलता पटेल, परिवार के अन्य लोग तथा बहुत से शुभचिंतक मौजूद थे.
प्रतिज्ञा ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी पेंटिंग में एक्रेलिक या सिंथेटिक रंगों के बजाय पर्यावरण-अनुकूल पत्थरों, गोंद और अन्य प्राकृतिक संसाधनों से बने रंगों का उपयोग करेंगी.

