आजकल बच्चों का बचपन मोबाइल और टीवी छीन रहा है. अब बच्चे बाहर जाकर दोस्तों के साथ पार्क में नहीं खेलना चाहते हैं, मोबाइल ने इन्हें चिड़चिड़ा बना दिया है. अगर माता-पिता अपने बच्चों को एक शानदार बचपन देना चाहते हैं, तो मोबाइल टीवी जैसे गैजेट से दूर रखना होगा
-कैरियर काउंसलर मनीषा आनंद
भोपाल: प्री स्कूल “लिटिल मिलेनियम , कोलार और किड्जी , लांबाखेड़ा का वार्षिकोत्सव कार्यक्रम थीम बचपन पर आधारित “आरोहण” हर्षोल्लास के साथ रवींद्र भवन के अंजनी सभागार में संपन्न हुआ, एक प्रेस रिलीज़ के अनुसार.
नन्हें नन्हें बच्चों ने अपनी परफॉर्मेंस से पेरेंट्स के साथ साथ उपस्थित सभी का मन मोह लिया.
बात चाहे तारे जमीन पर… के शीर्षक गीत पर मंत्रमुग्ध कर देने वाले नृत्य की हो, या नानी तेरी मोरनी को मोर ले गया… अथवा दादी अम्मा दादी अम्मा मान जाओ … ऐसे लगभग सभी गीतों पर बच्चों ने अद्वितीय कोऑर्डिनेशन और आश्चर्यचकित कर देने वाला नृत्य किया.

सीनियर केजी की छात्रा आरोही ने पिआनो पर लकड़ी की काठी… एक हजारों में मेरी बहना… राष्ट्र गान की धुन जन गण मन बजाकर वहां उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया.
अभ्यंत, कृष्वी, अमाया, अक्षिता, अद्विक, शानम, सानवी , विक्रम, आरोही आदि बच्चों ने भी अपनी परफॉर्मेंस से खूब तालियां बटोरी.
सर्वश्रेष्ठ छात्र का पुरस्कार अन्वी और आरोही को दिया गया.
बेस्ट पेरेंट्स का पुरस्कार श्री और श्रीमती बी.एस. अहिरवार और श्री और श्रीमती शैलेंद्र सिंह चौहान को दिया गया.
चीफ गेस्ट कैरियर काउंसलर मनीषा आनंद ने कहा कि, “बचपन थीम ने हम लोगों को अपने बचपन की शरारतों को याद दिला दिया और दादा दादी व नाना नानी के साथ बिताए वक्त फिर से याद आ गए. आजकल बच्चों का बचपन मोबाइल और टीवी छीन रहा है. अब बच्चे बाहर जाकर दोस्तों के साथ पार्क में नहीं खेलना चाहते हैं, मोबाइल ने इन्हें चिड़चिड़ा बना दिया है. अगर माता-पिता अपने बच्चों को एक शानदार बचपन देना चाहते हैं, तो मोबाइल टीवी जैसे गैजेट से दूर रखना होगा.”
गेस्ट ऑफ ऑनर सुरेंद्र कौर ने अपने संबोधन में कहा कि, “गार्जियन अपने बच्चों को अपना फोन नहीं अपना समय दें, इसी से बच्चों का बचपन समृद्ध होगा और बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा.”
लिटिल मिलेनियम और किड्जी की डायरेक्टर प्रेरणा सिन्हा ने कहा कि, “सभी बच्चों में एक यूनिक टैलेंट होता है, हम लोग उसे पहचानने और पहचान कर बच्चे की उस प्रतिभा को निखारने का काम करते हैं.”

