Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • विधान सभा में “घंटे” की गूंज
    • बुंदेलखंड सर्वदलीय मोर्चा का दिल्ली में धरना 13 फरवरी को
    • आजकल बच्चों का बचपन मोबाइल और टीवी छीन रहा है: मनीषा आनंद
    • कट्टरवादी ताकतें अपने को पीड़ित दिखाकर अपनी पहचान बचाने के नाम पर अनेक षड्यंत्र कर रही हैं: शिवप्रकाश
    • From Sky To Silicon: Positive Story of First 25 Years Of Our Millennium
    • एनजीटी ने इंदौर त्रासदी को लेकर सरकार को फटकारा, कहा यह गंभीर गवर्नेंस विफलताओं को उजागर करता है
    • NGT Slams MP Govt Over Indore Tragedy, Says It Exposes Serious Governance Failures
    • Collector Apologises After Abuse Against Hostel Supt Goes Viral
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
    Sun TodaySun Today
    • Home
    • Top Story
    • Politics
    • Governance
    • Corporate
    • Interview
    • Opinion
    • Blog
    • More
      • National
      • International
      • Hindi
      • Best Practices
      • Lifestyle
      • Video
    Sun TodaySun Today
    Home » क्या कमल नाथ अपनी सरकार मध्य प्रदेश में बचा सकते थे? ग्रोक ने कहा संभव था और इस तरह से
    Madhya Pradesh

    क्या कमल नाथ अपनी सरकार मध्य प्रदेश में बचा सकते थे? ग्रोक ने कहा संभव था और इस तरह से

    suntodayBy suntodayMarch 17, 2025Updated:March 17, 20251 Comment222 Views4 Mins Read
    Kamal Nath

    आजकल चर्चित एआई टूल ग्रॉक का एक सवाल पर जवाब कि “क्या कमल नाथ अपनी सरकार बचा सकते थे?” बहुत ही रोचक  है. जवाब अक्षरशः निम्नलिखित है:

    कमल नाथ की मध्य प्रदेश सरकार को बचाना संभव हो सकता था, लेकिन इसके लिए उन्हें कई रणनीतिक और राजनीतिक कदम पहले से उठाने पड़ते, जो उस समय की परिस्थितियों में उनकी कार्यशैली और पार्टी की स्थिति को देखते हुए मुश्किल थे। यहाँ विश्लेषण है कि वे क्या कर सकते थे और कैसे:

    क्या कर सकते थे?
    1. ज्योतिरादित्य सिंधिया को संतुष्ट करना:
      • कैसे: सिंधिया को अधिक सम्मान और जिम्मेदारी दी जा सकती थी, जैसे राज्य मंत्रिमंडल में उनके करीबी सहयोगियों को शामिल करना, उन्हें मध्य प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाना, या उनकी राज्यसभा उम्मीदवारी को जल्दी सुनिश्चित करना।
      • प्रभाव: सिंधिया का दलबदल सरकार गिरने का मुख्य कारण था। उनकी नाराजगी को दूर करने से 22 विधायकों का पलायन रोका जा सकता था, जिससे सरकार का बहुमत बना रहता।
      • मुश्किल: कमल नाथ और दिग्विजय सिंह का प्रभुत्व उनकी शक्ति को साझा करने में बाधा था। सिंधिया को सशक्त करना उनके अपने प्रभाव को कम करता, जो उनके लिए स्वीकार करना कठिन था।

        मार्च 2020 में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद भाजपा नेता विजयी मुद्रा में
    2. आंतरिक एकता मजबूत करना:
      • कैसे: नाथ को दिग्विजय सिंह और अन्य नेताओं के साथ बेहतर तालमेल बनाना चाहिए था ताकि गुटबाजी कम हो। नियमित बैठकें और सभी नेताओं को नीति-निर्माण में शामिल करना एक रास्ता हो सकता था।
      • प्रभाव: एकजुट कांग्रेस बीजेपी की “ऑपरेशन लोटस” जैसी चालों का बेहतर जवाब दे सकती थी और विधायकों का विश्वास बनाए रख सकती थी।
      • मुश्किल: दशकों से चली आ रही गुटबाजी को कम समय में खत्म करना आसान नहीं था।
    3. गठबंधन सहयोगियों को मजबूत बंधन में रखना:
      • कैसे: बीएसपी, एसपी और निर्दलीय विधायकों को मंत्रिपद या अन्य लाभ देकर उनकी वफादारी सुनिश्चित की जा सकती थी।
      • प्रभाव: ये सहयोगी संकट के समय सरकार के पक्ष में रहते, जिससे बहुमत की कमी पूरी हो सकती थी।
      • मुश्किल: बीजेपी का इन विधायकों पर दबाव और प्रलोभन कांग्रेस के नियंत्रण से बाहर था।
    4. जनता के बीच विश्वास बनाए रखना:
      • कैसे: कर्ज माफी और अन्य वादों को तेजी से लागू करने के लिए प्रशासनिक और वित्तीय संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करना। इसके साथ ही जनसंपर्क अभियान चलाकर उपलब्धियों को प्रचारित करना।
      • प्रभाव: मजबूत जनसमर्थन सरकार पर राजनीतिक दबाव को कम करता और विधायकों को दलबदल से रोकने में मदद करता।
      • मुश्किल: राज्य की खराब वित्तीय स्थिति और नौकरशाही की सुस्ती ने इसे जटिल बनाया।
      • मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा अपने ट्विटर हैंडल पर 20 मार्च, 2020 को तत्कालीन मुख्यमंत्री कमल नाथ द्वारा सम्बोधित किये जाने वाले प्रेस कांफ्रेंस की सूचना। इसी प्रेस कांफ्रेंस में कमल नाथ ने विधान सभा में फ्लोर टेस्ट पर जाने की बजाय अपने इस्तीफे की घोषणा की गयी।
    5. बीजेपी की चालों का पहले से जवाब:
      • कैसे: संभावित दलबदल की आशंका को भांपते हुए अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए विशेष निगरानी और संवाद की व्यवस्था करनी चाहिए थी। साथ ही, विधानसभा में फ्लोर टेस्ट को जल्दी करवाकर स्थिति स्पष्ट की जा सकती थी।
      • प्रभाव: बीजेपी को “खरीद-फरोख्त” का मौका कम मिलता, और सरकार कम से कम कुछ समय और चल सकती थी।
      • मुश्किल: बीजेपी की रणनीति और संसाधन कांग्रेस से कहीं आगे थे, और संकट के समय त्वरित कार्रवाई में नाथ नाकाम रहे।
    क्या यह वास्तव में संभव था?
    • हाँ, लेकिन सीमित संभावना: अगर कमल नाथ ने शुरू से ही सिंधिया को साथ लिया होता और पार्टी में एकता बनाई होती, तो सरकार कुछ समय और टिक सकती थी। लेकिन बीजेपी की आक्रामक रणनीति और कांग्रेस की संगठनात्मक कमजोरी को देखते हुए लंबे समय तक सत्ता बचाना मुश्किल था।
    • नहीं, क्योंकि: नाथ की नेतृत्व शैली व्यक्तिगत नियंत्रण पर केंद्रित थी, और वे सत्ता साझा करने में लचीलापन नहीं दिखा पाए। साथ ही, बीजेपी का अनुभव और संसाधन उन्हें हर कदम पर भारी पड़ रहे थे।
    निष्कर्ष

    कमल नाथ अपनी सरकार को तभी बचा सकते थे, अगर वे सिंधिया को संभालने और पार्टी को एकजुट करने में सफल होते, साथ ही बीजेपी की चालों का पहले से अनुमान लगाकर जवाब देते। लेकिन उनकी कार्यशैली, कांग्रेस की आंतरिक कमजोरी, और विपक्ष की ताकत ने इसे लगभग असंभव बना दिया। अंततः, 15 महीने बाद सरकार का गिरना लगभग तय-सा हो गया था।

    (नोट: ग्रोक 3 एक latest artificial intelligence (AI) चैटबॉट है जिसको एलन मस्क की कंपनी xAI ने विकसित किया है। इस पर पूछे गए सवालों के जवाब सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहे हैं। )

    AICC Bhopal BJP Congress Congress government Delhi Kamal Nath Madhya Pradesh MP MPCC Narottam Mihra Shivraj Singh Chouhan State assembly Vidhan Sabha
    Share. Facebook Twitter LinkedIn Telegram WhatsApp Email
    Previous ArticleKeep Strict Vigil On Social Media, DJs And Anti-Social Elements During festivals: DGP To Police Officials
    Next Article Reasons Behind Cong Govt Lasting Just For 15 Months In Madhya Pradesh? Grok Says There Were Many
    Avatar photo
    suntoday
    • Website

    Related Posts

    विधान सभा में “घंटे” की गूंज

    February 16, 2026

    बुंदेलखंड सर्वदलीय मोर्चा का दिल्ली में धरना 13 फरवरी को

    February 12, 2026

    आजकल बच्चों का बचपन मोबाइल और टीवी छीन रहा है: मनीषा आनंद

    February 12, 2026

    1 Comment

    1. Pingback: चौहान को मुख्यमंत्री नहीं बनाने का फैसला। एलन मस्क का एआई टूल ग्रोक बता रहा उचित क्यों और अनुचित

    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 SUN Today. All Rights Reserved.
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • Advertise With Us
    • Privacy Policy

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.